बीमा (Insurance) लेते वक्त किन बातों का ध्यान रखें?

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ज्यादातर लोगों की  बीमा पॉलिसी होती है।  यदि आपको इस policy में कोई समस्या है, तो ये जरूर पढ़ें।  बीमा पॉलिसी के बारे मैं ग्राहक पर्याप्त नहीं जानते है, हम लगातार बीमा पॉलिसी पर जानकारी देकर आपकी  मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत में  insurance policy बेचने वाले लाखों एजेंट काम कर रहे हैं। उनमें से अधिकांश ग्राहकों को उनकी policy  or जीवन शैली के लिए उपयुक्त  Insurance Policy  चयन करने में मदद करते हैं, जबकि कुछ ऐसे भी हैं जो तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने के साथ insurance policy बेचने की कोशिश करते हैं जिनके कारण उन्हें फायदा मिलता है insurance खरीदारों को ये पता होना चाहिए कि बीमा ( insurance) उन्हें गलत तरीके से बेचा गया है या नहीं। हम इस खबर में बीमा (insurance) लेने वालों को  आगाह कर रहे हैं जब उन्हें गलत तरीके से बीमा बेचा जाता है।  हम आपको कुछ उदाहरणों के माध्यम से समझाने की कोशिश कर रहे हैं, तो निम्न उदाहरणों को व्यवस्थित रूप से समझने की कोशिश करें।
Insurance policy
बीमा (Insurance) लेते वक्त  किन बातों का ध्यान रखें?





(1) बीमा पॉलिसी (insurance policy) एफडी से बेहतर रिटर्न देती है
यह अक्सर आपको एक बीमा एजेंट द्वारा समझाया जाता है लेकिन तथ्य कुछ अलग हैं। यह बीमा (insurance) बेचने का सबसे आम तरीका है। Insurance agent ग्राहक को बताता है कि insurance policy सुरक्षित है और एफडी की तुलना में बेहतर रिटर्न देती है। जबकि यह सच नहीं है। जीवन बीमा पॉलिसी (life insurance policy) सबसे पहले आपको असमय मृत्यु के मामले में सुरक्षा देती है यही वास्तविक लाभ है ताकि जीवित परिवार के सदस्यों को बीमाकर्ता से बीमा राशि मिल सके। इसे 'सम एश्योर्ड' सुरक्षा लाभ भी कहा जाता है। यह लाभ देने के लिए insurance company ग्राहक से प्रीमियम वसूलती है। ग्राहक premium करते हैं और ग्राहक को कंपनी बीमा राशि देती हैं।
सुरक्षा लाभ के अलावा जीवन बीमा (life insurance) उत्पाद में अन्य लाभ भी हो सकते हैं जो किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मामले में बचत की तरह काम कर सकते हैं। insurance का लाभ एफडी से न करें। इसके अलावा अपनी गणना सावधानीपूर्वक करें कि क्या वास्तव में insurance policy एफडी से अधिक बचत लाभ प्रदान करती है। कई एजेंट insurance policy पर रिटर्न की बहुत आकर्षक दरों को दिखाने के लिए झूठे रिटर्न की बात करते हैं। आप इससे सावधान रहें एजेंट के ऐसे वादों पर नजर रखें। 
उदाहरणों के तौर पर बताया जाता है कि 'आपको एक्स-पे प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा।' लेकिन ऐसे भुगतान प्राप्त करने के लिए प्रीमियम भुगतान की कुल अवधि का उल्लेख नहीं जाता है। आम तौर पर जीवन बीमा पॉलिसी दीर्घकालिक (5 वर्ष से अधिक और अक्सर 10-20 वर्षों के लिए) होती हैं।




(2)गलत तरीके से दावा के बारे में बताया जाना।

यह बात स्वास्थ्य और दुर्घटना बीमा नीतियों (insurance policy) से अधिक संबंधित है। जीवन बीमा बेचते समय भी एजेंट को स्पष्ट रूप से यह बताना चाहिए कि किस परिस्थिति में दावा देय नहीं है और ग्राहक को पॉलिसी के बारे मैं पता होना चाहिए। आपका जो बीमा योजना है उसके नियम के बारेमे आपको पता होना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि ग्राहक धूम्रपान करता है और आवेदन के रूप में खुद को गैर-धूम्रपान करने वाला बताता है, तो उसकी मृत्यु पर बीमा कंपनी परिवार को मृत्यु का दावा देने से इनकार कर सकती है। एसे परिवार को दावा नहीं मिल सकता। अगर एजेंटने आपको अच्छी तरह जानकारी नहीं दी है तो आपको अपनी बीमा पॉलिसियों के बारे में जानकारी हासिल करने की जरूरत है।

(3)प्रीमियम के बारे में भ्रामक जानकारी देना:-

Insurance agent लाभ लेने के लिए पॉलिसीधारक के साथ 'लागत' और 'कर्तव्यों' पर चर्चा नहीं करते और अन्य तरीके से भ्रामक जानकारी देते है। बीमाकर्ता उत्पाद में किए गए वादों के अपने पक्ष का सम्मान करने के लिए उत्तरदायी है और साथ ही ग्राहक को उसके प्रीमियम का सही, समय पर और पॉलिसी की पूरी अवधि के लिए भुगतान करना है। आपको ये जानना बहुत जरूरी है कि यदि पूरा कार्यकाल पूरा नहीं होता है, तो ऐसे शुल्क या कटौती हो सकते हैं जो बीमाकर्ता को प्रभावित करेंगे। इसलिए ग्राहक को केवल उस प्रीमियम राशि के लिए तैयार होना चाहिए जो आसानी से देय हो।  अगर आपको हमारे द्वारा दी गई Insurance जानकारी पसंद आई हो तो कृपया social media में शेयर जरुर करें।  बीमा योजना के बारे में जानकारी शीघ्र ही दी जाएगी।  इस वेबसाइट को रोजाना देखें।

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